हिंदुस्तान में ज्ञान की कमी नहीं है
हिंदुस्तान में ज्ञान की कमी नहीं है | ट्रक के पीछे लिखी अच्छी बात
जहा भी आप की नज़र जाती वही ज्ञान मिल जाता है और कुछ ऐसा ही ज्ञान आप को मिलता है हाईवे की सडको पैर जहा हर ट्रक के पीछे बड़ी अच्छी बात लिखी होती है ट्रक या किसी भी गाड़ी के पीछे कभी कभी तो इतनी शानदार चीजे लिखी मिलती है की आप उसे भूल नहीं सकते है
हम सब ने कभी न कभी सफ़र ज़रूर किया होगा. तेज रफ़्तार पर चलती गाड़ियां, हरियाली और सड़क के किनारे बने ढाबे हमेशा से ही हमें अच्छे लगते हैं. लेकिन इस सफ़र में जो सबसे मज़ेदार होता है वो है ट्रकों का काफिला और उनके पीछे लिखे शायरियां
समय समय की बात होती है एक वौ दौर था जब ग़ालिब की लिखी शायरी को लड़के लड़कियाँ अपनी डायरी में लिखकर रखते थेऔर आज का दौर है, जब ये शायरियां. आप को नए अन्दाज़ में ट्रक के पीछे लिखी मिलते है |
सफ़र किया होगा तो ट्रक के पीछे लिखी शायरी भी पढ़ी होगी। हम बात कर रहे हैं
उन ग़ुमनाम शायरों की, जिनकी शायरी को हर ट्रक वाले ने इज़्ज़त दी है।
तो चलिए एक बार फ़िर आपको सफ़र पर ले कर चलते हैं जहां ट्रकों के पीछे लिखी शायरियां
आपके दिन को और इस सफ़र को मज़ेदार बना देंगी.
स्कूल के समय हम लिखते थे कवि इस कविता के माध्यम से क्या कहना चाहता है,
आज हम लिखेंगे इस शायरी के माध्यम से ट्रक वाला क्या कहना चाहता है।
बहुत से प्रेरणात्मक वाक्य आजकल ट्रकों पर देखने को मिलते हैं,परन्तु एक ही नहीं देखने को मिलता
जो कुछ वर्ष पहले हर ट्रक पर लिखा मिलता था जो जिन्दगी की चुनौतियों में भी मुस्कुराने की प्रेरणा देता है।
देखो मगर प्यार से
भले ही लोग आस्तिक हो या नास्तिक, टोने टोटकों में विश्वाश रखते भी हो या ना भी रखते हो पर उनके ट्रक पर
बुरी नजर वाले तेरा मुंह काला लिखा हुआ और पास में ही काले धागे में 7 निम्बू मिर्ची टंगे हुए आपको दिख ही जाएंगे
इसके साथ ही एक और अच्छी बात लिखी होती है जो हर इंसान के लिए बहुत जरुरी है और वो है
माँ का आशीर्वाद
रो मत पगली कल फिर आऊंगा
ये लाइन एक सरल लाइन आपने हमने कई ट्रक के पीछे देखी होगी लेकिन ये लाइन जितनी सरल है उतनी ही गहरी भी है,एक ट्रक ड्राइवर जब अपने सफर पर निकलता है तो वो हफ़्तों अपने परिवार,अपनी पत्नी से दूर रहता है, ये दूरी पत्नी से सहन नही होती और वो रोने लग जाती है !इसके जवाब में ड्राइवर साब कहते है रो मत पगली कल फिर आऊंगा
बेशक ट्रक के पीछे लिखी बाते सीख दे जाती है, कुछ याद रह जाती है , कुछ अगले ही मोड पर दिमाग से गायब हो जाती है। कई बार हंसी आती है कुछ चीजे पढ़ कर जैसे बच्चे दो ही अच्छे और उसी के साथ लिखा होता सोनू मोनू पिंकू टीन्कू चिंकू दी गड्डी
लेकिन अब ना जाने क्यूँ वो ट्रक सही लगने लगे है जिनके पीछे लिखा होता है don't blow horn शराब पीकर वाहन ना चलाये wait for side कोई घर पर इन्तजार कर रहा है
एक बहुत ही मजेदार स्लोगन है जो सड़क पर गाड़ी चलाने वाले लोगों के लिए सन्देश है की गाड़ी नियंत्रण में चलाएं। जिनको जल्दी थी चले गए
कुछ ट्रको पर ये भी लिखा होता है - धीरे चलोगे तो घर बार मिलेगा और तेज चलोगे तो हरिद्वार मिलेगा या सावधानी हटी, सब्जी पूड़ी बँटी। मतलब साफ है कि सावधानी हटी तो दुर्घटना घटी | धीरे चलोगे तो बार-बार मिलोगे,तेज़ चलोगे तो हरिद्वार मिलोगे।
गाड़ी तेज़ चलाने से आप हरिद्वार नहीं पहुँचेंगे, बल्कि हरि के द्वार मतलब सीधा स्वर्ग डिलिवर हो जाएँगे।
देख रहे हो ट्रक वाले भइया की चेतावनी, धीरे से दी है, ताकि जोर से लगे।
इसके साथ एक सख़्त बात भी कह दी । गाड़ी धीरे चलाने की, तेज़ गाड़ी चलाके दो मिनट पहले पहुँचने से अच्छा है थोड़ा धीमे चलाके सुरक्षा में रहकर मंज़िल ही पहुँचा जाए, अस्पताल नहीं।
नीम का पेड़ चन्दन से कम नहीं, हमारा शहर लन्दन से कम नहीं।
अपना बच्चा हर माँ को हमेशा से सुन्दर लगता है। फिर वो उसे और सुन्दर बनाने के लिए उसकी आँखें काजल से भर देती हैं। माथे पर काजल की बिन्दियाँ लगा देती हैं। हाथ में मेंहदी मल देती हैं, कमर में काले रंग का धागा बाँध देती हैं।
अब वो बच्चा मदारी वाला बन्दर लगने लगता है। लेकिन क्या कहिए, जो है सो है। अब माँ का प्यार है तो है, बच्चा गली मोहल्ले में लड़कर आएगा तो भी लाडला ही रहेगा। बस यही वाला प्यार ट्रक वाले भाई साहब का अपने ट्रक से है। प्यार है तो जताएँगे ही।
हमारी चलती है, लोगों की जलती है।
गली मोहल्ले के छोटे बच्चे देखे होंगे आपने, उनका अपना ही रूतबा होता है। किसी से डरते नहीं हैं वो, खुल के जीते हैं ज़िन्दगी और रहते ऐसे हैं जैसे दुनिया उनसे ही है। ये भाईसाहब अब ट्रक ड्राइवर बन गए हैं, लेकिन रूतबा ख़त्म नहीं हुआ है।
वाहन चलाते समय सौंदर्य दर्शन ना करें वरना देव दर्शन हो सकते हैं।
बस, उसी से बचने की सलाह दे रहे हैं। और बता भी रहे हैं कि कुछ उल्टा सीधा मत करना, लफड़ा हो जाएगा।
उससे अच्छा है कि सीधा अपनी गाड़ी चलाओ और काम पर जाओ, ज़्यादा इधर उधर मुँह मत मारो।
लटक मत, पटक दूँगी।
जिनको फ़्री में ट्रक का सफ़र करने वालों से बहुत दिक्कत है। वो बस इसमें चुपके से बैठ जाते हैं
अपनी हाथ से गाड़ी पकड़ लेते हैं, फिर ट्रक जितना चलता जाता है, उसके पीछे पीछे हो लेते हैं। उन्ही के लिय है लटक मत, पटक दूँगी।
कुत्ता भी बिना वजह नहीं भौंकता।
अरे, सुन लो। जब ट्रैफ़िक हो तो गाड़ियाँ रुकेंगी ही। ज़्यादा इसमें सोचने वाली बात नहीं है। इसलिए बिना बात हॉर्न बजा कर कुछ होने वाला है नहीं।इसी बात को थोड़ी अच्छी ज़बान में समझाने के लिए इन मनमोहक शब्दों का इस्तेमाल किया है गाड़ी वाले ने।
हॉर्न धीरे से बजाएं क्योंकि हमारा देश सो रहा है
बहुत बड़े-बड़े लोग देश की अर्थव्यवस्थाओं के ऊपर बात करते हैं कैसे देश की उन्नति होगी कैसे देश का विकास होगा बस इस एक लाइन से हमें उस ट्रक वाले ने समझा दिया है कि हॉर्न धीरे क्यों बजाना है
ट्रक में डीजल टैंक पर कुछ ऐसा लिखा जाता है
बहुत महँगा है इराक का पानी कम पी मेरी रानी
पेट्रोल और डीजल के दाम तो रोज बढ़ रहे हैं अगर हमारी गाड़ी थोड़ा कम तेल पिएगी तो हमारे लिए अच्छा होगा
और इराक का पानी इसलिए क्योंकि इराक में तेल के कुएं होते हैं
हमारे भारत में जितने भी ट्रक है उनमें से सभी के पीछे दो लाइनें सबसे ज़्यादा लिखी होती है
समय से पहले व भाग्य से ज्यादा कभी नहीं मिलता
सोच कर सोचो साथ क्या जायेगा
तुमको आगे निकलना है तो निकल जाओ,
पीछा हम भी किसी का किया नहीं करते।
