ईनाम में घोडा़ चहिये या सेब
ईनाम में घोडा़ चहिये या सेब संसार स्त्री प्रधान ही है अगर आपको लगता है कि यह पूरी दुनिया पुरुष प्रधान है तो आप बहुत बड़ी गलतफहमी में जी रहे हैं यह कहानी आपकी इस गलतफहमी को दूर करने के लिए है कि संसार स्त्री प्रधान ही है | एक राजा था उसने एक सर्वे करने का सोचा कि मेरे राज्य के लोगों की घर गृहस्थी पति से चलती है या पत्नी सेउसने एक ईनाम रखा कि जिसके घर में पति का हुक्म चलता हो, उसे मनपसंद घोडा़ ईनाम में मिलेगा और जिसके घर में पत्नी की चलती है वह एक सेब ले जाए एक के बाद एक सभी नगरवासी सेब उठाकर जाने लगे ।राजा को चिंता होने लगी क्या मेरे राज्य में सभी घरों में पत्नी का हुक्म चलता है इतने में एक लम्बी लम्बी मुछों वाला, मोटा तगडा़ और लाल लाल आखोंवाला जवान आया और बोला राजा जी मेरे घर में मेरा ही हुक्म चलता है घोडा़ मुझे दीजिए राजा खुश हो गए और कहा जा अपना मनपसंद घोडा़ ले जाओ चलो कोई एक घर तो मिला जहाँ पर आदमी की चलती है जवान काला घोडा़ लेकर रवाना हो गया घर गया और फिर थोडी़ देर में घोडा लेकर दरबार में वापिस लौट आया। राजा क्या हुआ जवाँ मर्द वापिस क्यों आ गये जवान मह...