कौन सा पति
कौन सा पति - शादी का कार्निवाल
kaun Sa Pati - Shaadi Ka Carnival
पांचवी मंजिल पर बैठकर मम्मी और पापा दोनों आरोही को समझा रहे थे बेटा तेरी शादी की उम्र हो चली है हमने शादी करो वेबसाइट पर तेरा रजिस्ट्रेशन भी कर दिया है अगर तू कोई अच्छा सा लड़का पसंद कर ले तो बस फिर हम शादी के सामान की साइट के साथ तेरे लिए अच्छा सा गार्डन और बाकी सामान भी खरीद लेते हैं
अब वो जमाना नहीं रहा जब छोटे छोटे से मकान हुआ करते थे और कोई चाचा ताऊ हूं अपने आप लड़की के लिए लड़का देख लेता था और शादी पक्की हो जाती थी पहले घर छोटे हुआ करते थे पर आपस की खटपट और आपस का प्यार सब कुछ सुनाई देता | और आज बहुमंजिला इमारतों में रहते तो बहुत सारे लोग हैं पर वह प्यार अब नहीं रहा अब ना बगल वाले घर से कोई चीन नहीं मांगने जाता है और ना दही का जामन
अब टेक्नोलॉजी का जमाना है | सब इंटरनेट पर मिलता है बस नहीं मिलता तो एक अच्छा पतिआप भी गूगल करेंगे तो देखेंगे जीतनी शादियां होती है उन में अधिकतर तो टूट जाती है और इन्हीं सब साइटों पर जब आरोही और आरोही के पापा विजिट कर रहे थे हर साइट पर साइट पर एक बड़ा सा विज्ञापन आ रहा था
आपके शहर में पहली बार हम लेकर आए हैं आपके दूल्हे की तलाश को खत्म करने के लिए शादी काकार्निवाल
जहां पर आप अपना पसंदीदा पति चुन सकते है शहर के बिच एक बड़ी होटल में लगा था ये शादी का कार्निवाल
जिस पर लिखा था यहाँ मिलगा आप का अपना पसंददीदा पति देखते ही देखते कुंवारी लड़कियां और उनके परिवार का एक हुजूम वहां जमा होने लगा | सभी होटल में दाख़िल होने के लिए बेचैन थी, लंबी क़तारें लग गयी होटल के मैन गेट पर लिखा था पति चुनने की निम्न शर्ते हैं
आप परिवार के साथ अंदर नहीं जा सकते आपको अकेले जाना होगा
इस कार्निवाल कोई भी लड़की सिर्फ एक बार ही दाख़िल हो सकती है
उसे दोबारा मौका नहीं दिया जाएगा आधार कार्ड लाना आवश्यक है
होटल की 6 मंज़िले है, और प्रत्येक मंजिल पर पतियों के प्रकार के बारे में लिखा है कोई भी किसी भी मंजिल से अपना पति चुन सकती है लेकिन एक बार ऊपर जाने के बाद दोबारा नीचे नहीं आ सकती, सिवाय बाहर जाने के
जैसे-तैसे हमारे आरोही का भी नंबर आ ही गया आरोही को होटल में दाख़िल होने का मौक़ा मिला...पहली मंजिल के दरवाज़े पर लिखा था - इस मंजिल के पति अच्छे रोज़गार वाले है और नेक है |
आरोही आगे बढ़ी .. दूसरी मंजिल पर जिस पैर लिखा था -इस मंजिल के पति अच्छे रोज़गार वाले है, नेक है और बच्चों को पसंद करते है |
आरोही फिर आगे बढ़ी तीसरी मंजिल के दरवाजे पर लिखा था इस मंजिल के पति अच्छे रोज़गार वाले है, नेक है और खुबसूरत भी है |
यह पढ़कर आरोही कुछ देर के लिए रुक गयी मगर यह सोचकर कि चलो ऊपर की मंजिल पर भी जाकर देखते है, वह आगे बढ़ी
चौथी मंजिल के दरवाज़े पर लिखा था - इस मंजिल के पति अच्छे रोज़गार वाले है, नेक है, खुबसूरत भी है और घर के कामों में मदद भी करते है |
यह पढ़कर आरोही को चक्कर आने लगे और सोचने लगी क्या ऐसे पति अब भी इस दुनिया में होते है ? यहीं से एक पति लेती हूँ... लेकिन दिल ना माना तो एक और मंजिल ऊपर चली गयी...पांचवीं मंजिल पर लिखा था -
इस मंजिल के पति अच्छे रोज़गार वाले है , नेक है और खुबसूरत है , घर के कामों में मदद करते है और अपनी बीबियों से प्यार करते है |
अब आरोही अक़ल जवाब देने लगी वो सोचने लगी इससे बेहतर और भला क्या हो सकता है ? मगर फिर भी उसका दिल नहीं माना और आखरी मंजिल की तरफ कदम बढाने लगी...आखरी मंजिल के दरवाज़े पर लिखा था -यह आखरी दरवाजा है और
यहां से मैं यहां से अच्छा पति आपको कहीं भी नहीं मिलेगा आइए आपका अंदर स्वागत है
वहां पर एक बहुत ही खूबसूरत सा नौजवान बैठा हुआ था उसने बड़ी तहजीब के साथ आरोही से हाथ मिलाया और बैठने के लिए इशारा कियाऔर कहा इस मंजिल पर कोई भी लड़का अवेलेबल नहीं हैऔर साथी ही आश्वासन दिया कि अभी तक जितनी भी लड़कियां इस होटल में आ चुकी है उनमें से 100% लड़कियां इसी कमरे में आई और हमने उन्हें सिर्फ एक ही बात समझाई
प्रथम मंजिल से लेकर पांचवी मंजिल तक आपके लिए बहुत सारे अच्छे ऑप्शन दे परंतु आपने अपनी इच्छाओं को लगाम नहीं लगाया आपको लगा इससे बेहतर कुछ और हो सकता है और जहां तक अपने जीवन साथी की बात है तो प्रथम तल से अच्छा जीवन साथी आपको कहीं भी नहीं मिलता ये मंजिल सिर्फ इसलिए बनाई गयी है ताकि इस बात को सच साबित किया जा सके कि इच्छाओं को पूर्णत संतुष्ट करना नामुमकिन है
हमारे शादी के कार्निवाल पर, आने का धन्यवाद ! बांयी ओर सीढियाँ है जो बाहर की तरफ जाती है
