नए भारत का अनोखा आंदोलन
नए भारत का अनोखा आंदोलन
New movement of India
भिखारी को भिख में क्या देना है ये ही है एक अनोखा आंदोलन है अगर आप किसी जगह पर भिखारी को देखकर उसे भीख दे रहे हैं भिख में आप उसे पैसे दे रहे तो आप कितना बड़े अपराध के अनजाने में भागीदार बन रहे है ये आंदोलन आप को अपराध से बचायेगा और जरूरतमंद की मदद करने से भी नहीं रोकेगा
जब भी हम सड़क, मंदिर या ट्रैफिक सिगनल से होकर गुजर रहे होते हैं तो हमारी मुलाकात फटे पुराने कपड़े पहने, हाथ में कटोरा लिए भिखारी से हो जाती हैं. इस भखारी को देख कुछ लोग दया कर उनके कटोरे में चंद सिक्के डाल देते हैं. कुछ लोग इन्हें भीख देने के मूड में नहीं होते हैं लेकिन जब भिखारी उनके पीछे लग जाता है, बार बार विनती करता हैं तो उस से छुटकारा पाने के लिए ये लोग पैसे दे देते हैं.
भीख मांगने वालों का अपना कारपोरेट घराना है। दुनिया तेजी से बदल रही है जनाब, कम लोग जानते होंगे चौक और ठिकाने भी भीख के लिए बंटे होते हैं। भिखारी माफिया सक्रिय है, वह एक चौक पर किसी नए भिखारी को नहीं आने देते। एक चौक पर अधिकतर वही भिखारी होता है, जो रोजाना बैठता है। नया कभी नहीं दिखता। इसका कारण यह है कि हर चौक और ठिकाना बंटा होता है।
देश में लगभग चार लाख भिखारियों में 45 हजार बच्चे हैं। पुलिस रिकार्ड में हर साल लगभग इतने ही बच्चे गायब हो रहे हैं।भारत के संविधान में भीख मांगना अपराध है लेकिन सरकार इन्हें जेल में नहीं रख सकती प्रशासन जब इन्हें शेल्टर में रखता है, तो यह रोड पर पैसा जुटाने के लिए दौड़ जाते हैं।
एक अनोखा आंदोलन करना शुरू कर दे !
हम शपथ ले कि आज से भीख मांगते हुए किसी भी प्रकार के स्त्री पुरुष बुजुर्ग बच्चे भिखारी को खाना पानी तो देंगे पर एक भी रुपया भीख नही देंगे। खाना और पानी से बड़ा कोई दान भी नहीं है परन्तु पैसा नहीं देना है इससे होगा ये की अंतरराष्ट्रीय राष्ट्रीय राज्यकीय स्तर पर भिखारियों की टोली चलाने वाले गुटों की आर्थिक रूप से कमर टूट जाएगी एवं छोटे बच्चों के अपहरण जैसी वारदाते अपने आप बंद हो जाएंगी। गुनाहगारों की दुनिया से इस तरह के दलों का अंत हो सकेगा।
आप भी जरुर सहमत होगे तो इस अभियान से जुड़े भिखारी को खाना पानी तो देंगे पर एक भी रुपया भीख नही देंगे।कोई भी एक दिन में 4 बार से ज्यादा खाना नहीं खा सकता तो आप उसे खाना खिलाइए |
